Surya mein nabhikiya indhan kaun sa hai


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Surya ka nabhikiya indhan kya hai

Q. सूर्य में नाभिकीय ईंधन कौन सा होता है ?
A. हीलियम
B. हाइड्रोजन
C. यूरेनियम
D. सल्फर

Answer -  हाइड्रोजन

Explanation : सूर्य में परमाणु इंधन हाइड्रोजन है, जो लगातार बड़ी मात्रा में ऊर्जा जारी करने वाली परमाणु संलयन प्रक्रिया के माध्यम से हीलियम में परिवर्तित हो रहा है। संलयन प्रकिया द्वारा ही सूर्य और तारों को शक्ति प्रदान होता है। संलयन अभिक्रिया द्वारा हाइड्रोजन के दो परमाणुओं एक साथ मिलकर या फ्यूज होकर हीलियम का परमाणु बनाते हैं। संलयन प्रक्रिया में हाइड्रोजन की कुछ द्रव्यमान को ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है।

हीलियम और न्यूट्रान बनाने के लिए ट्रिटियम के साथ ड्यूटेरियम का संयोजन किया जाता है। ड्यूटेरियम साधारण पानी में भरपूर मात्रा में उपलब्ध होता है, ट्रिटियम का उत्पादन फ्यूज़न न्यूट्रॉन को प्रचुर प्रकाश धातु लिथियम के साथ मिलाकर किया जाता है। इस संलयन प्रकिया में ऊर्जा का अटूट स्रोत उत्पन्न होता है।
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नाभिकीय संलयन की खोज हांस बेथे (Hans Bethe) द्वारा की गई, सन् 1930 में हांस बेथे ने नाभिकीय संलयन का पता लगाया। हीलियम शब्द ग्रीक शब्द से आया है जिसका अर्थ है सूरज (हेलिओस)। इसका नाम लॉकर और अंग्रेजी रसायनज्ञ एडवर्ड फ्रैंकलैंड ने रखा था।

सर जोसेफ नॉर्मन लॉकर और पियरे जैनसेन को संयुक्त रूप से 1868 में हीलियम की खोज करने का श्रेय दिया जाता है। मार्क ओलिफेंट ने परमाणु संलयन के पहले प्रयोगात्मक प्रदर्शन और परमाणु हथियारों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

Note - सूर्य में नाभिकीय ईंधन है, पोस्ट अच्छी लगे दोस्तों को शेयर जरूर करे।

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